गुलदार के हमले से महिला की मौत, पौड़ी-श्रीनगर हाईवे जाम कर भड़के ग्रामीण
- पौड़ी-श्रीनगर राजमार्ग जाम कर ग्रामीणों ने जताया आक्रोश
- गुलदार को पकड़ने और मुआवजे की मांग
- वन विभाग ने कैमरा ट्रैप, ड्रोन निगरानी और गश्त बढ़ाने के दिए निर्देश
पौड़ी गढ़वाल: श्रीनगर के निकट खंडाह क्षेत्र में गुलदार के हमले में महिला की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत का माहौल है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को पौड़ी-श्रीनगर राजमार्ग जाम कर गुलदार को जल्द पकड़ने और मृतका के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने गुलदार की तलाश तेज कर दी है। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक लीना ग्रेवाल ने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे के इस्तेमाल और जरूरत पड़ने पर ट्रैंकुलाइज करने की अनुमति दी है। निर्धारित प्रयास विफल रहने और गुलदार के जनसुरक्षा के लिए खतरा बने रहने पर अंतिम विकल्प के रूप में उसे मारने की अनुमति भी दी गई है। यह आदेश जारी होने की तिथि से 15 दिनों तक प्रभावी रहेगा।
घास काटते समय गुलदार ने किया हमला
वन विभाग के अनुसार, 9 अक्टूबर को शाम करीब साढ़े पांच बजे खिर्सू विकासखंड की बछेली ग्रामसभा के तरुली क्षेत्र में बीना देवी (50), पत्नी स्वर्गीय बालमुकुंद, जंगल में घास काट रही थीं। इसी दौरान गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। घटना के समय मधु देवी भी उनके साथ मौजूद थीं। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, गुलदार महिला को घसीटकर झाड़ियों की ओर ले जाने लगा। साथ मौजूद महिलाओं के शोर मचाने पर वह महिला को छोड़कर भाग गया, लेकिन तब तक बीना देवी की मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग के मुताबिक, महिला की गर्दन पर घाव के निशान मिले हैं। आसपास के गांवों में भी गुलदार की गतिविधियां सामने आने से लोगों में भय बना हुआ है।
पिंजरे और ड्रोन से गुलदार की तलाश
वन विभाग को प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में कैमरा ट्रैप लगाने, ड्रोन से निगरानी करने और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। गुलदार की पहचान सुनिश्चित करने के बाद उसे पकड़ने के प्रयास किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर उसे बेहोश कर पकड़ने की कार्रवाई भी की जा सकेगी। यदि निर्धारित प्रयास विफल रहते हैं और गुलदार जनसुरक्षा के लिए खतरा बना रहता है, तो आदेश में निर्धारित शर्तों के तहत अंतिम विकल्प अपनाया जा सकेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। साथ ही, मृतका के परिवार को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग उठाई है। महिला की मौत के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।




