पौड़ी में पार्किंग सुविधाओं का होगा विस्तार, निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

- 300 वाहनों की बहुमंजिला पार्किंग के लिए डीपीआर तैयार होगी
- हेरिटेज संग्रहालय और वीर भूमि स्थल का काम भी जल्द पूरा करने पर जोर
पौड़ी: सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश ने सोमवार को पौड़ी शहर में विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जनपद मुख्यालय के अपर चोपड़ा में मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत निर्माणाधीन 30 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग का निरीक्षण करते हुए सचिव ने कार्य की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण निर्माण विभाग को पार्किंग का निर्माण एक माह के भीतर पूरा करने को कहा। इसके बाद उन्होंने जीएमवीएन के समीप निर्मित 70 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।
सचिव ने पावर हाउस क्षेत्र में प्रस्तावित 300 वाहनों की क्षमता वाली बहुमंजिला पार्किंग के लिए चिह्नित स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना की अनुमानित लागत का पुनर्मूल्यांकन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने तथा इसे शीघ्र शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए।
सचिव ने निर्माणाधीन हेरिटेज संग्रहालय एवं वीर भूमि स्थल का निरीक्षण करते हुए दोनों कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा। इसके साथ ही आवास विकास विभाग के अंतर्गत सर्किट हाउस स्थित गेस्ट हाउस के पहाड़ी शैली में नवीनीकरण का प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन हेरिटेज संग्रहालय में सजावट संबंधी कार्यों के लिए भी आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को भेजने को कहा, ताकि आगे की कार्यवाही ससमय की जा सके।
सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में पौड़ी शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए पार्किंग सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत पॉकेट पार्किंग विकसित करने के साथ बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण की दिशा में भी कार्यवाही की जा रही है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से शहर में पार्किंग की उपलब्धता बढ़ेगी और यातायात के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, ऐतिहासिक एवं विरासत भवनों के संरक्षण और पुनरुद्धार से शहर की विशिष्ट पहचान को भी सहेजने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग एल.पी. भट्ट, अवर अभियंता डीडीए रणवीर सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




