गोरापड़ाव डकैती का खुलासा, जुए में लाखों हारने के बाद रची थी लूट की साजिश

- नकाबपोश बदमाशों ने हथियारों के बल पर ऑफिस में बोला था धावा
- नकदी और जेवरात समेत लाखों का माल लूटकर हुए थे फरार
- पिस्टल-तमंचे और कारतूस बरामद
हल्द्वानी: गोरापड़ाव में हथियारों के बल पर हुई सनसनीखेज डकैती का नैनीताल पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि जुए में बड़ी रकम हारने के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की साजिश रची थी। वारदात के बाद लूटी गई रकम को आपस में बांट लिया गया, जबकि पुलिस से बचने के लिए लूटे गए मोबाइल फोन रास्ते में ही फेंक दिए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर गठित करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और सुरागरसी के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ते हुए दो संदिग्धों तक पहुंच बनाई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू (25) निवासी सितारगंज और रखवीर सिंह (28) निवासी शीशगढ़, बरेली के रूप में हुई है।
हथियारबंद बदमाशों ने बोला था धावा
पुलिस के अनुसार 19 अगस्त की शाम डायल-112 पर सूचना मिली थी कि गोरापड़ाव क्षेत्र में 10 से 12 हथियारबंद लोगों ने लूटपाट की है। सूचना मिलते ही हल्द्वानी पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित नारायण दास की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
तहरीर के मुताबिक नकाबपोश बदमाशों ने KIA शोरूम के पीछे स्थित कार्यालय/गैराज में घुसकर हथियारों के बल पर करीब आठ लाख रुपये की नकदी, 12 मोबाइल फोन और सोने की चेन व अंगूठियां लूट ली थीं। वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल विशेष टीम गठित की। टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक, एसपी हल्द्वानी, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी, सीओ लालकुआं समेत थाना पुलिस, SOG, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, BDS और डॉग स्क्वायड को शामिल किया गया।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुली परतें
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ सर्विलांस की मदद ली। संदिग्ध गतिविधियों और सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस ने वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखवीर सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
पूछताछ में पुलिस के सामने डकैती की कथित साजिश की परतें खुलती चली गईं। पुलिस के मुताबिक दोनों की मुलाकात किच्छा निवासी यश सिडाना से हुई थी। पूछताछ में सामने आया कि यश सिडाना कथित तौर पर जुए में लाखों रुपये हार चुका था और आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इसी दौरान गोरापड़ाव में बड़े पैमाने पर जुआ खेले जाने की जानकारी सामने आई।
जुए में हारी रकम वापस पाने के लिए रची साजिश
पुलिस के मुताबिक इसी के बाद आरोपियों ने डकैती की योजना बनाई। कथित तौर पर तय हुआ कि डकैती से मिलने वाली रकम से जुए में हारी रकम की भरपाई की जाएगी और बची रकम को आपस में बांट लिया जाएगा।
योजना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने घटनास्थल की रेकी की। इसके बाद नकाब पहनकर हथियारों के साथ कार्यालय में घुसे और वहां मौजूद लोगों को धमकाकर नकदी, मोबाइल फोन और जेवरात लूट लिए।
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद लूट की रकम को आपस में बांट लिया गया, जबकि लूटे गए मोबाइल फोन रास्ते में ही फेंक दिए गए, ताकि पुलिस को डिजिटल साक्ष्य न मिल सके।
हथियार और नकदी बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी वंशप्रीत सिंह के कब्जे से 31 हजार रुपये की नकदी और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) और 317(3) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। मामले में संगठित अपराध से जुड़े प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की बात पुलिस ने कही है।
रखवीर का लंबा आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी रखवीर सिंह का पुलिस ने आपराधिक इतिहास भी सामने रखा है। उसके खिलाफ केलाखेड़ा, दिनेशपुर, रुद्रपुर और नानकमत्ता थानों में हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, मारपीट, धमकी, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। वहीं दूसरे आरोपी वंशप्रीत सिंह का आपराधिक इतिहास भी पुलिस खंगाल रही है।
एसएसपी ने खुद संभाली थी कमान
डकैती की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया था। उन्होंने घटना के दौरान मौजूद लोगों से जानकारी लेने के साथ पुलिस टीमों को अलग-अलग टास्क सौंपे थे। पुलिस की कई टीमों ने एक साथ सीसीटीवी, सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्यों और जमीनी सुरागों पर काम किया।
पुलिस टीम की कार्रवाई से उत्साहित एसएसपी ने टीम को 2500 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश और लूटे गए माल की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
डकैती की यह वारदात केवल हथियारबंद लूट तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे जुए में हारी रकम की भरपाई का कथित मकसद सामने आने से मामले ने अपराध की एक और गंभीर तस्वीर उजागर की है।




