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आधुनिक ट्रांजिट हब बनेगा देहरादून आईएसबीटी, 27.50 करोड़ से हो रहा कायाकल्प

  • प्लेटफॉर्म से मॉल तक बदलेगी आईएसबीटी की तस्वीर, काम अंतिम दौर में
  • यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आधुनिक व्यवस्थाओं पर फोकस

देहरादून: राजधानी देहरादून के प्रमुख अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) को आधुनिक और सुविधायुक्त ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम तेज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से आईएसबीटी के सुदृढ़ीकरण एवं उच्चीकरण का कार्य किया जा रहा है। करीब 10 एकड़ क्षेत्र में फैले इस महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र में लगभग 27.50 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित हैं। परियोजना के कई कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गए हैं।

आईएसबीटी के कायाकल्प का उद्देश्य केवल भवन और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। परिसर में यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर यातायात प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता, लैंडस्केपिंग और अन्य व्यवस्थाओं को भी विकसित किया जा रहा है।

प्लेटफॉर्म से प्रतीक्षालय तक होगा सुधार

आईएसबीटी में प्लेटफॉर्म के फर्श को बेहतर बनाने के साथ आधुनिक सार्वजनिक शौचालय विकसित किए जा रहे हैं। यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, डोरमेट्री, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी बेहतर किया जा रहा है। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।

परिसर में लैंडस्केपिंग और ऊर्जा कुशल विद्युत व्यवस्था से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं। आईएसबीटी से उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के साथ ही अन्य राज्यों के लिए बड़ी संख्या में बसों का संचालन होता है। ऐसे में यहां प्रतिदिन पहुंचने वाले यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को परियोजना में प्राथमिकता दी गई है।

निर्माण कार्यों के दौरान बस संचालन और यात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

एमडीडीए सचिव ने मौके पर परखी कार्यों की प्रगति

आईएसबीटी के सुदृढ़ीकरण एवं उच्चीकरण कार्यों की प्रगति का एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा के संबंध में जानकारी ली।

सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्माण के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और आवाजाही का विशेष ध्यान रखने को भी कहा।

मॉल और दुकानों को भी मिलेगा नया स्वरूप

आईएसबीटी परिसर में स्थित मॉल को भी आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वर्तमान में यहां फिल्मों का प्रदर्शन हो रहा है, जबकि शॉपिंग मॉल और अन्य दुकानों के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया गतिमान है।

इसके चलते आईएसबीटी परिसर को केवल बस संचालन केंद्र के बजाय यात्रियों की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने वाले बहुउद्देश्यीय परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है। करीब 10 एकड़ में फैले आईएसबीटी को भविष्य की बढ़ती परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है।

 

कैब बूथ से ई-चार्जिंग तक सुविधाओं का विस्तार

आईएसबीटी के कायाकल्प के तहत यात्रियों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कैब सेवाओं के लिए ओला-उबर बूथ निर्धारित किए जा रहे हैं। इससे बस से उतरने वाले यात्रियों को आगे के सफर के लिए स्थानीय परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

परिसर में ई-चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा आईएसबीटी के कियोस्कों को पारंपरिक पहाड़ी शैली में विकसित करने की पहल की गई है। इससे परिसर में उत्तराखंड की स्थानीय वास्तुशैली की झलक भी देखने को मिलेगी।

जलभराव की समस्या के समाधान के साथ परिसर की अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी काम किया गया है। इन कार्यों का उद्देश्य आईएसबीटी परिसर को अधिक व्यवस्थित और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाना है।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप देहरादून में सार्वजनिक सुविधाओं और यातायात से जुड़े प्रमुख स्थलों को आधुनिक स्वरूप देने का काम किया जा रहा है। आईएसबीटी शहर का महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है, इसलिए इसके सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रयास है कि यात्रियों को आईएसबीटी में स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिले। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मॉल और अन्य सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि पूरा परिसर अधिक व्यवस्थित और उपयोगी स्वरूप में विकसित हो सके।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आईएसबीटी में चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आईएसबीटी को आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त और व्यवस्थित परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करना प्राधिकरण का प्रमुख उद्देश्य है।

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