
- देहरादून में राष्ट्रीय महिला आयोग की ‘मॉक सलाहकार समिति’ का आयोजन, युवाओं से मांगे गए सुझाव
- फिल्मों और वेब सीरीज में महिलाओं के चित्रण पर होगी चर्चा
- चयनित प्रतिभागियों को आयोग के साथ एक साल काम करने का अवसर
देहरादून: फिल्मों और वेब सीरीज में महिलाओं को किस नजरिए से दिखाया जाता है, क्या उनकी छवि समाज में समानता और सम्मान को बढ़ावा देती है और क्या डिजिटल मनोरंजन मंच महिलाओं की वास्तविक पहचान प्रस्तुत कर रहे हैं? इन सवालों पर अब देश के युवा अपनी राय रखेंगे। राष्ट्रीय महिला आयोग 30 और 31 अक्टूबर को देहरादून स्थित ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में ‘मॉक राष्ट्रीय महिला आयोग सलाहकार समिति’ कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। इस पहल में 18 से 30 वर्ष की आयु के युवा भाग लेकर महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर विचार रखेंगे और समाधान सुझाएंगे।
कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘मनोरंजन के डिजिटल मंचों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व’ है। इसके तहत फिल्मों और वेब सीरीज में महिलाओं की भूमिका, उनकी छवि, सम्मान और मनोरंजन सामग्री के सामाजिक प्रभाव पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि महिलाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर विचार रखने और बदलाव की दिशा में सुझाव देने वाले सहभागी के रूप में आगे लाना है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। इस पहल के माध्यम से युवा महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर अपनी बात रख सकेंगे और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों में योगदान दे सकेंगे।
एक साल तक आयोग के साथ जुड़ने का अवसर
कार्यक्रम में चयनित प्रतिभागियों को एक वर्ष के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की युवा सलाहकार समिति का सदस्य बनने का अवसर मिलेगा। वे महिलाओं की सुरक्षा, अधिकार और सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर आयोग को सुझाव दे सकेंगे। समिति के सदस्यों की घोषणा 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर किए जाने की योजना है।
ऐसे करें आवेदन
इच्छुक युवा निर्धारित गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों में से चयनित प्रतिभागियों को देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
आवेदन लिंक: https://forms.gle/yNWoPsqg48i9jRzw9
यह पहल इस सवाल को भी सामने लाती है कि मनोरंजन के बढ़ते डिजिटल प्रभाव के दौर में महिलाओं की छवि गढ़ने की जिम्मेदारी किसकी है। युवाओं की भागीदारी से इस विषय पर गंभीर विमर्श को आगे बढ़ाने और समाज में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने का अवसर मिलेगा।




