उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

85 वर्ष की आयु में हार्ट अटैक से निधन, सोमवार को पैतृक गांव नालापाली में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का शनिवार देर रात हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें देहरादून के ईसी रोड स्थित सिटी हार्ट हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां रात करीब 1:30 बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनके निधन की सूचना मिलते ही कांग्रेस संगठन, श्रमिक संगठनों और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को उनके पैतृक गांव नालापाली स्थित श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
4 नवंबर 1940 को जन्मे हीरा सिंह बिष्ट उत्तराखंड कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ और सम्मानित नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में गरीबों, मजदूरों, कर्मचारियों और वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। इंटक उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन्होंने श्रमिक हितों से जुड़े अनेक आंदोलनों का नेतृत्व किया और मजदूरों की आवाज को मजबूती से उठाया।
छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले हीरा सिंह बिष्ट ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ जुड़कर अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 1985 में वह पहली बार देहरादून विधानसभा क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 2002 में राजपुर विधानसभा सीट और वर्ष 2014 में डोईवाला विधानसभा उपचुनाव जीतकर कुल तीन बार विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया।
वे तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित नारायण दत्त तिवारी के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री रहे और परिवहन, श्रम तथा तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व संभाला। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद भी उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी पहचान एक सादगीपूर्ण, कर्मठ और जनसरोकारों से जुड़े नेता के रूप में रही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रीतम सिंह, डॉ. हरक सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेताओं एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। नेताओं ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट ने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा, श्रमिक हितों की रक्षा, संगठन की मजबूती और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए समर्पित किया। उनका निधन उत्तराखंड की राजनीति और श्रमिक आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति है।




