चारधाम रेल कनेक्टिविटी को रफ्तार, ऋषिकेश–कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट को 3000 करोड़
- अर्द्धकुंभ 2027 से पहले बदलेगा हरिद्वार रेलवे स्टेशन का स्वरूप, 4769 करोड़ के रेल बजट से मिलेगा बड़ा अपग्रेड
हरिद्वार: अर्द्धकुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार रेलवे स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदलने की तैयारी है। रेल बजट में उत्तराखंड को कुल 4769 करोड़ रुपये की सौगात मिली है, जिसके तहत हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्निमाण और आधुनिकीकरण का प्रस्ताव किया गया है। मुरादाबाद मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने बताया कि अर्द्धकुंभ के मद्देनजर यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
डीआरएम ने बताया कि रेल बजट में प्राप्त राशि में से लगभग 3000 करोड़ रुपये ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर खर्च किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होने के बाद ऋषिकेश से हिमालयी क्षेत्रों की ओर रेल संपर्क सशक्त होगा, जिससे गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन के लिए यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इस रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन से श्रद्धालु और पर्यटक हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हुए यात्रा कर सकेंगे।
हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रवेश और निकास मार्गों को चौड़ा व सुव्यवस्थित किया जाएगा, ताकि अर्द्धकुंभ और कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ का दबाव सुचारु रूप से संभाला जा सके। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए रैंप, लिफ्ट, ब्रेल साइन बोर्ड और सुलभ शौचालय जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
रेलवे की योजना के तहत प्लेटफार्मों की संख्या बढ़ाने के साथ ही यार्ड क्षमता का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे ट्रेनों की लाइनिंग और संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। स्टेशन परिसर में वेटिंग हॉल का विस्तार, यात्रियों के लिए डोरमेट्री निर्माण और दो नए प्लेटफार्म विकसित करने का भी प्रस्ताव है।
रेलवे आंकड़ों के अनुसार, सामान्य दिनों में हरिद्वार रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 50 हजार यात्री सफर करते हैं, जबकि स्नान पर्व और विशेष अवसरों पर यह संख्या 85 हजार तक पहुंच जाती है। अर्द्धकुंभ 2027 के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए हरिद्वार से करीब 100 जोड़ी ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
श्रद्धालुओं के ठहरने की बेहतर व्यवस्था के लिए स्टेशन पर स्थायी होल्डिंग एरिया भी विकसित किया जाएगा। रेल बजट में हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्निमाण को स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही बजट जारी होने की उम्मीद है, जिससे निर्माण और विकास कार्यों को गति मिलेगी।




