उत्तराखंडराज्य

चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज

कहा इस बार भी रिकॉर्ड श्रृद्धांलुओं के आने की संभावना

देहरादून। बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर शुरू होने वाली है। 06 मार्च से यात्रियों के पंजिकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस बार भी चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रृद्धांलुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।

उक्त जानकारी देते हुए प्रदेश के पर्यटन धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम की तीर्थ यात्रा हिंदुओं के लिए काफी महत्व रखती है। लाखों की संख्या में भक्त हर साल आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के उद्देश्य से गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा पर जाते हैं। सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के कुशल प्रबंधन के कारण वर्ष 2025 में छप्पन लाख इकतीस हजार श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए थे। इस वर्ष भी सरकार ने चारधाम यात्रा को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए विशेष प्रबंध किये हैं।

पर्यटन धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा में पंजीकरण का कार्य छह मार्च से प्रारंभ हो गया है। चारधाम यात्रा के तहत केदारनाथ धाम के 22 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे। जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरागत तौर पर अक्षय तृतीय के दिन 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी सरकारी विभागों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उन्होंने बताया सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भी पूरी व्यवस्था की है। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कुल 50 काउंटर बनाने बनाये गये हैं। इनमें 30 काउंटर ऋषिकेश में और 20 काउंटर विकासनगर में स्थापित किए गए हैं। यह सभी काउंटर दिन-रात यानी पूरे 24 घंटे काम करेंगे, ताकि किसी भी यात्री को पंजीकरण में कोई परेशानी न हो। श्रद्धालु अपना पंजीकरण वेबलिंक-Weblink-registrationandtouristcare.uk.gov.in और Mobile App- Tourist Care Uttarakhand Mobile App- Tourist Care Uttarakhand के माध्यम से कर सकते हैं। इसके अलावा श्रद्धालू अपना पंजीकरण आधार कार्ड के माध्यम से भी कर सकेंगे जबकि विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ई-मेल आईडी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिन श्रद्धालुओं के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है, उनके लिए पिछले वर्ष की भाँति इस वर्ष भी यात्रा पंजीकरण केन्द्र एवं ट्रॉजिट कैम्प ऋषिकेश, पंजीकरण केन्द्र ऋषिकुल ग्राउंड हरिद्वार और पंजीकरण केन्द्र विकास नगर देहरादून में पंजीकरण केंद्रों की व्यवस्था की गई है। इन भौतिक काउंटरों पर पंजीकरण सेवा कपाट खुलने से दो दिन पूर्व 17 अप्रैल 2026 से प्रारम्भ की जाएगी। रजिस्ट्रेशन स्थलों पर श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गये हैं।

महाराज ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय और पीने के पानी के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था के साथ साथ यात्रा रूट पर मुख्य मार्गो और वैकल्पिक मार्गो को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश और यात्रा के मानकों को ध्यान में रखते हुए SOP भी जारी की जाएगी। यात्रा के दौरान हर वाहन के ट्रिप कार्ड पर यात्रियों और चालक की जानकारी के साथ-साथ टूर आपरेटर या वाहन मालिक का नाम, मोबाइल नंबर और लाइसेंस नंबर दर्ज होना अनिवार्य किया गया है।

पर्यटन मंत्री महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा में इस बार कुल 1800 बसें संचालित की जाएंगी, जिनमें 400 बसें रिजर्व रहेंगी। प्रतिदिन 130 बसें रवाना होंगी और 10 दिन की यात्रा अवधि में लगभग 1300 मार्गों पर चलेंगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button