जोशीमठ के रिहायशी इलाके में घुसा भालू, चार लोगों को किया घायल

- घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया
- सिंहधार वार्ड में तड़के हुई घटना से दहशत
- ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग की
चमोली: चमोली जिले के जोशीमठ में मंगलवार तड़के एक जंगली भालू ने जमकर आतंक मचाया। सिंहधार वार्ड में घर के पास बनी गोशाला में घुसे भालू ने पहले बंधी गाय पर हमला किया। गाय की आवाज सुनकर उसे बचाने पहुंचीं मां पर भी भालू झपट पड़ा। मां की चीख सुनकर बचाव के लिए पहुंचे बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों को भी भालू ने निशाना बना लिया। हमले में मां-बेटे समेत चार लोग घायल हो गए। युवक का दायां पैर बुरी तरह जख्मी हो गया, जबकि उसकी मां के चेहरे और हाथ पर गंभीर चोटें आईं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
घटना 13 अक्टूबर की सुबह करीब 3 बजे जोशीमठ के सिंहधार वार्ड में हुई। स्थानीय निवासी बिंदेश कुमार (37) के मकान के पास बनी गोशाला में एक जंगली भालू घुस आया। भालू ने खूंटे से बंधी गाय पर हमला कर दिया। गाय के रंभाने की आवाज सुनकर बिंदेश कुमार की मां उसे बचाने के लिए गोशाला की ओर दौड़ीं, लेकिन भालू ने उन पर भी हमला कर दिया।
मां को बचाने पहुंचे बेटे पर झपटा भालू
मां की चीख-पुकार सुनकर बिंदेश कुमार और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। इस दौरान भालू ने बिंदेश कुमार के दाएं पैर को बुरी तरह जख्मी कर दिया। उनकी मां के चेहरे और हाथ पर भी गंभीर चोटें आईं। परिवार के दो अन्य सदस्य भी भालू के हमले में घायल हो गए। अचानक हुए इस हमले से परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
परिवार के सदस्यों ने शोर मचाकर भालू को भगाने की कोशिश की। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मदद के लिए दौड़े। लोगों की भीड़ और शोर बढ़ने पर भालू वहां से जंगल की ओर भाग गया।
QRT ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया
घटना की सूचना मिलने पर जोशीमठ की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। सभी चार घायलों को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया।
भालू की आवाजाही से दहशत, वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग
रिहायशी इलाके में भालू के हमले के बाद सिंहधार वार्ड के लोगों में दहशत है। स्थानीय लोग अपने परिवार और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। घटना के बाद वन विभाग की टीम के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी बताई गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने तथा आबादी वाले इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।




