चारधाम यात्रा 2026: स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां, 1350 डॉक्टरों की तैनाती

देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्थाएं की हैं। यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे। स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों, पड़ावों और ट्रांजिट कैंपों पर चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया है।
स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा रूट पर लगभग 1350 डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती के लिए विस्तृत रोस्टर तैयार किया है। ये टीमें विभिन्न पड़ावों, कैंपों और प्रमुख स्थलों पर 24 घंटे सेवाएं प्रदान करेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत उपचार मिल सके। सभी चिकित्सा कर्मी संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के अधीन काम करेंगे।
यात्रा के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग और मेडिकल चेकअप की सख्त व्यवस्था की गई है। साथ ही, यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी भी प्रदर्शित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु यात्रा के दौरान सतर्क रह सकें। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ डॉक्टर भी यात्रा के दौरान सेवाएं देंगे। इसके अलावा, यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) स्थापित किए जा रहे हैं।
उच्च हिमालयी क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में सांस लेने में कठिनाई, ऊंचाई से संबंधित थकान, रक्तचाप और हृदय संबंधी समस्याओं के त्वरित उपचार पर विशेष जोर है। आपातकालीन स्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया देने का अभ्यास भी कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन सुदृढ़ व्यवस्थाओं और विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से इस बार चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और सुगम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।




