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माँ वाराही धाम में ऐतिहासिक बग्वाल संपन्न, CM धामी ने की विकास घोषणाएं

  • देवीधुरा में फलों-फूलों से खेली गई ऐतिहासिक बग्वाल, लाखों श्रद्धालु बने साक्षी

चम्पावत: विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां वाराही धाम देवीधुरा में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को ऐतिहासिक बग्वाल मेले का भव्य आयोजन हुआ। आस्था और लोक संस्कृति के इस अनूठे संगम में वालिक, चम्याल, गहड़वाल और लमगड़िया—इन चार खामों के बग्वालियों ने बांस व रिंगाल की ढालों के साथ भाग लिया। शंखनाद और मां वाराही के जयकारों के बीच दोपहर 1:48 बजे शुरू हुई बग्वाल 1:55 बजे तक चली। करीब 8 मिनट चले इस पारंपरिक युद्ध में योद्धाओं ने केवल फलों और फूलों का प्रयोग कर सदियों पुरानी परंपरा को जीवंत रखा, जिसे पीठाचार्य पंडित कीर्तिबल्लभ जोशी ने बेहद शुभ और फलदायी बताया।कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां वाराही के दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान महिलाओं और बच्चियों ने उन्हें राखी बांधी। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने ‘विकास भी और विरासत भी’ का संकल्प दोहराते हुए देवीधुरा को जल्द नगर पंचायत क्षेत्र बनाने और 9.80 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी-लेवल पार्किंग के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के तहत देवीधुरा में गढ़वाल खाम भवन (4.27 करोड़) और रणकोची मंदिर पुनर्निर्माण (4.57 करोड़) समेत कई विकास कार्य प्रगति पर हैं। बीते 5 वर्षों में क्षेत्र में 68.58 करोड़ की लागत से 397 कार्य कराए गए हैं।मेले को राजकीय दर्जा मिलने से व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं और धार्मिक पर्यटन से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। बग्वाल के अंत में योद्धाओं का आपस में गले मिलना उत्तराखंड की आपसी भाईचारे और अनुशासन की मिसाल पेश करता है। आयोजन में केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, डीएम मनीष कुमार और एसपी रेखा यादव समेत भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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