SGRRU: तकनीकी प्रशिक्षण से निखरी छात्रों की क्षमता, GIS कार्यशाला संपन्न

- तकनीकी दक्षता के साथ शोध में भी बढ़ी रुचि
देहरादून: श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के भूगोल एवं अर्थशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित पांच दिवसीय जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग कार्यशाला का सोमवार को सफल समापन हो गया। 29 अप्रैल से 4 मई 2026 तक चली इस कार्यशाला में 65 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यशाला के सफल समापन पर शुभकामनाएं देते हुए विश्वविद्यालय के माननीय प्रेजीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं से विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान का लाभ मिलता है। इससे करियर की बेहतर संभावनाओं के रास्ते भी खुलते हैं।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को जीआईएस टूल्स, रिमोट सेंसिंग तकनीकों और स्पैटियल डाटा विश्लेषण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान जीआईएस विशेषज्ञ डॉ. देवी दत्त चौनियाल, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. कमल पांडेय व कपिल ओबराय तथा ने अपने अनुभव साझा किए।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण में आर्कजीआईएस के प्रायोगिक सत्र, रिमोट सेंसिंग के विभिन्न अनुप्रयोग, मानचित्र विश्लेषण और टोपोशीट अध्ययन कराए गए। साथ ही समूह चर्चा और इंटरएक्टिव लर्निंग पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों के व्याख्यान और डेमो के माध्यम से छात्रों को आधुनिक जियोस्पेशियल तकनीकों की गहन समझ विकसित करने का अवसर मिला, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता के साथ-साथ शोध के प्रति रुचि भी बढ़ी।
कार्यक्रम के समापन पर विभाग की ओर से सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्रों के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस मौके पर प्रो. एम.पी. सिंह, डीन प्रो. प्रीति तिवारी, प्रो. गीता रावत, प्रो. पूजा जैन, प्रो. आशीष कुलश्रेष्ठ, डा. अमर लता, डा. सुरेंद्र कौर रावल, डा. शिल्पी यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।



