उत्तराखंड

लेखन व शोध कार्य में पत्नी गोदाम्बरी देवी का विशेष योगदान-पद्मश्री डॉ कठोच

सतपुली: पद्मश्री डॉ यशवंत सिंह कठोच का विकासखंड एकेश्वर के पैतृक गांव मासौं में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। उनके सम्मान समारोह में मवालस्यूँ क्षेत्र के विभिन्न गांवो के ग्रामीण मौजूद थे।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए वयोवृद्ध समाजसेवी कुंवर सिंह नेगी ने डॉ कठोच को शाल व स्मृति चिन्ह भेंट किया।

अपने सम्बोधन में उन्होंने डॉ कठोच की प्राथमिक शिक्षा से लेकर अध्यापन कार्य के बारे में बताते हुए कहा कि उन्हें पद्मश्री सम्मान मिलना पूरे क्षेत्र सहित उत्तराखंड राज्य के लिए गौरव की बात है।

डॉ कठोच ने समस्त ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि अभी उनकी उत्तराखंड इतिहास पर दो पुस्तकें और प्रकाशित हो रही है।

अपने लेखन व शोध कार्य में उन्होंने अपनी पत्नी गोदाम्बरी देवी के सहयोग को सराहा और कहा कि बीमार होने के बावजूद भी उनकी पत्नी ने उन्हें लेखन कार्य में पूर्ण साथ व सहयोग दिया।

श्रीनगर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी ने 90वर्ष की उम्र में भी डॉ कठोच के पुस्तक लेखन के कार्य को सराहा और कहा कि उनको पद्मश्री मिलना सम्पूर्ण उत्तराखंड के लिए लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है ।

वक्ता उमा घिल्डियाल ने कहा कि डॉ कठोच ने इतिहास व पुरातत्व पर कई शोध कार्य किये है व उत्तराखंड के इतिहास को जटिल से सरलीकरण के साथ उन्होंने नई तथ्यात्मक जानकारियां दी है उन्हें पदमश्री मिलने से पूरा उत्तराखंड गौरवान्तित हुआ है । इस अवसर पर समस्त क्षेत्रवासियों को सामूहिक भोज भी दिया गया ।

समारोह में आयोजन समिति के रिटायर्ड कर्नल कुंदन रावत, उषा रावत कुलदीप रावत रामेश्वर रावत, विनोद बिष्ट, विजय सिंह रावत, दिलीप सिंह रावत, कमल सिंह रावत, अनिल स्वामी, रणवीर रावत, नरेन्द्र रावत,ताजवर रावत किशोर रावत, बेलम रावत राजीव थपलियाल, कैलाश थपलियाल, शांति रावत, सीमा थपलियाल, करण रावत, हरी रावत, दीप सिंह रावत, प्रेम रावत,सतीश थपलियाल सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्ति कृष्णानन्द मैठाणी, सीमा सजवाण, उमा घिल्डियाल गंगा असनोडा थपलियाल आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन दिलीप सिंह रावत ने किया।

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