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लैंड फ्रॉड पर जीरो टॉलरेंस: गढ़वाल आयुक्त ने 5 मामलों में FIR दर्ज करने के दिए निर्देश

देहरादून: गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सोमवार को सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त ने 51 प्रकरणों का निस्तारण कर दिया, जबकि 5 गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में कुल 170 लैंड फ्रॉड मामलों में से अब तक 77 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है।

आयुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि एक सप्ताह के अंदर लंबित मामलों की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और 15 दिनों के भीतर पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने संयुक्त निरीक्षण वाले मामलों को इसी सप्ताह पूरा करने तथा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हटाने के मामलों में अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।बैठक में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए, जिनमें एक ही खसरे की भूमि दो अलग-अलग व्यक्तियों को बेचने, राजस्थान निवासियों द्वारा रुद्रप्रयाग में भूमि खरीदकर होटल बनाकर बेचने और उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा-154 का उल्लंघन जैसे गंभीर अनियमितताएं शामिल थीं। आयुक्त ने ऐसे मामलों में एसआईटी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

आयुक्त ने उप जिलाधिकारी सदर और उप जिलाधिकारी ऋषिकेश की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही एक मामले में तहसीलदार द्वारा जानकारी न देने पर उन्हें तत्काल ऋषिकेश भेजकर एक घंटे में रिपोर्ट मंगवाई।

आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट संदेश दिया कि भूमि धोखाधड़ी के सभी प्रकरणों में अभियान मोड में कार्रवाई की जाए और कोई भी मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।

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