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केदारनाथ धाम यात्रा 2026: तैयारियां तेज, जिलाधिकारी पहुंचे ग्राउंड जीरो पर

  • गौरीकुंड से घोड़ापड़ाव तक स्थलीय निरीक्षण
  • सुरक्षा, स्वच्छता और यात्री सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
  • समस्त प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया यात्रा मार्ग पर तैयारियों का जायजा
  • यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ व सुगम बनाने से जुड़े कार्य 15 मार्च तक पूर्ण करने के दिए निर्देश

रुद्रप्रयाग: आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा तैयारियों को युद्धस्तर पर गति दी जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने आज रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड होते हुए घोड़ापड़ाव तक यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी यात्रा मार्ग का विस्तृत जायजा लिया तथा अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-107 की स्थिति का अवलोकन करते हुए भू-स्खलन एवं भू-धंसाव संभावित क्षेत्रों जैसे बांसवाड़ा, काकड़ागाड़, गुप्तकाशी तिराहा, बड़ासू, खुमेरा, मैंखंडा, रामपुर एवं मुनकटिया आदि संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क पर पड़े मलबे को तत्काल हटाने, सिंकिंग जोन एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर आवश्यक ट्रीटमेंट व सुरक्षा कार्य निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व किसी भी स्थिति में सड़क पर अवरोध नहीं रहना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग की अधिग्रहित भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अतिक्रमण हटाने एवं बाजार क्षेत्रों में अवैध कब्जों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही मार्ग पर चट्टानों में फंसे पत्थरों को हटाने, आवश्यक पैचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर तथा सौंदर्यीकरण कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने को कहा।

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर कार्य हेतु शासन स्तर से धनराशि की आवश्यकता है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को कार्यशैली सुधारने की चेतावनी देते हुए समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश भी दिए।

स्वच्छता व्यवस्था के अंतर्गत जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग पर आवश्यकतानुसार शौचालय निर्माण, पर्याप्त मोबाइल टॉयलेट्स की उपलब्धता, नियमित साफ-सफाई एवं जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मार्ग के महत्वपूर्ण स्थलों पर सोलर लाइट लगाने को भी कहा।

निरीक्षण के दौरान सीतापुर पार्किंग का भी जायजा लिया गया। पार्किंग व्यवस्था, शटल सेवा संचालन स्थलों पर मैकेनिक, कैंटीन, शौचालय एवं पुलिस चेकपोस्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पैदल यात्रियों की सुरक्षा हेतु बैरिकेडिंग तथा विश्राम के लिए आवश्यक स्थानों पर बेंच लगाने के भी निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड का निरीक्षण कर यात्रियों हेतु चेंजिंग रूम, शौचालय एवं साफ-सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। घोड़ापड़ाव तक निरीक्षण कर उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन श्री केदारनाथ धाम यात्रा को ग्रीन, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने हेतु पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने सभी विभागों को यात्रा से जुड़े कार्य 15 मार्च तक तथा बड़े कार्य 30 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी, पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर, उपजिलाधिकारी उखीमठ अनिल रावत, अधिशासी अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे, तहसीदार उखीमठ रमेश सिंह, एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ आशीष रावत, अधिशासी अभियंता लोनिवि ऊखीमठ आर पी नैथानी, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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